लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में मनमाने ढंग से नाम जुड़वाने पर रोक लगाने की तैयारी है। योगी सरकार इस संबंध में नियमों में बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में पंचायती राज विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। बैठक में 21 से अधिक अन्य प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।
पंचायत चुनाव में मतदाता सूची की भूमिका अहम होती है। ऐसे में सूची में नाम शामिल कराने को लेकर किसी भी तरह की मनमानी रोकने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने नया प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत पंचायती राज अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट के एजेंडे में शामिल किया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर चुनावी लाभ के लिए किसी गांव की मतदाता सूची में मनमाने तरीके से नाम शामिल कराने पर रोक लगाने का रास्ता साफ हो सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास, पांच कालिदास मार्ग पर होगी। बैठक में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और कई अन्य विभागों से जुड़े अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट बैठक में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन काम करने वाले नियमित और संविदा कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है। इससे प्रदेश के करीब पौने दो लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
प्रस्ताव में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल और वित्तविहीन संस्थानों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा समग्र शिक्षा परियोजना के तहत काम करने वाले शिक्षणेत्तर कार्मिकों को भी इस सुविधा का लाभ देने का प्रस्ताव है।
200 बेड वाले चार अस्पताल पीपीपी मॉडल पर चलाने की तैयारी
कैबिनेट के सामने 200 बेड वाले चार चिकित्सालयों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इस व्यवस्था को मंजूरी मिलने पर अस्पतालों के संचालन को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश पंचायती राज सामान्य निवास अवधारणा नियमावली-2026 को लागू करने का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल है। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से जुड़े प्रस्ताव के साथ इस नियमावली पर भी कैबिनेट का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रोबोटिक्स पार्क और साइबर सुरक्षा केंद्र पर भी फैसला संभव
प्रदेश में रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट विचार कर सकती है। इसके साथ ही आईआईटी कानपुर के माध्यम से उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।
बैठक में उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को भी रखा जाएगा। इसके अलावा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, आवास एवं शहरी नियोजन, नगर विकास, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, परिवहन, न्याय, पशुधन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन तथा सहकारिता विभाग से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही इन प्रस्तावों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
